Corona Virus:कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में मोदी और ट्रप की राह अलग-अलग

कोरोना के बढ़ते प्रकोप से निजात पाने के लिए विशेषज्ञों और डॉक्टर्स का कहना है था कि कोरोना से लडने के लिए भारत को लॉक डाउन करना पड़ेगा। फिलहाल यहीं एक रास्ता जिससे कोरोना को फैलने से रोका जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कोरोना से जारी इस लड़ाई से निपटने के लिए 24 मार्च को पूरे देश को लॉक डाउन करने का निर्णय लिया और इसे आज देर रात 12 बजे से लागू कर दिया।

0
160
कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में मोदी और ट्रप की राह अलग अलग
कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में मोदी और ट्रप की राह अलग अलग

Corona Virus –कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में मोदी और ट्रप की राह अलग अलग

कोरोना के बढ़ते प्रकोप से निजात पाने के लिए  विशेषज्ञों और डॉक्टर्स का कहना है था कि कोरोना से लडने के लिए भारत को लॉक डाउन करना पड़ेगा। फिलहाल यहीं एक रास्ता जिससे कोरोना को फैलने से रोका जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कोरोना से  जारी इस लड़ाई से निपटने के लिए 24 मार्च को पूरे देश को लॉक डाउन करने का निर्णय लिया और इसे आज देर रात 12 बजे से लागू कर दिया।


जहां ये भयानक वायरस पूरे विश्व को अपनी चपेट में लेने के लिए आगे बढ़ रहा है, जहां पूरा देश बहुत बड़ी विकट समस्या से गुजर रहा है । वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहते है कि पूरे देश में लॉक डाउन करने से देश पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप के इस बयान को देखें तो ये भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्णय के बिल्कुल उलट है। साथ डोनाल्ड ट्रंप के एक ओर बयान ने सबको हक्का बक्का कर दिया है, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ये भी कहा कि ” आने वाला महीना उनके लिए एक अच्छा समय लाने वाला है।

कोरोना वायरस (Corona Virus) के खिलाफ लड़ाई में मोदी और ट्रप की राह अलग अलग

ये किसी से नहीं छुपा हुआ कि अमेरिका में कोरोना का असर बहुत तेजी से फेल रहा है। चीन ओर इटली के बाद तीसरे सबसे ज्यादा कोरोना से संक्रमित लोगो की संख्या अमेरिका में है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO ) ने भी बताया है कि यदि अमेरिका इस महामारी के खिलाफ कुछ सख्त कदम नहीं उठाता है तो कोरोना का अगला केंद्र अमेरिका होगा।

इस भयानक वायरस से संक्रमित होकर अब तक लगभग 20000 लोगो ने अपनी जान गंवाई है। वहीं चीन ओर इटली के बाद अमरीका में इसके 5500 मामले सामने आ चुके है। इस वायरस से लगभग 770 लोगो की मृत्यु हुई है।

ऐसे समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान को क्या समझा जाए। क्या अमेरिकी राष्ट्रपति अब भी इसे हल्के में ले रहे है या फिर इससे लड़ने के लिए उन्होंने कोई अलग रणनीति बनाई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here